Teen ban k dhari|तीन बाण के धारी
अंधेरो की नगरी से, कैसे मैं पार जाऊं, श्याम अब लेने आजा, हौसला हार ना जाऊं, तीन बाण के धारी, तीनो बाण चलाओ ना, मुश्किल में है दास तेरा, अब जल्दी आओ ना, हारे के सहारे मेरे हारे के सहारे,…
अंधेरो की नगरी से, कैसे मैं पार जाऊं, श्याम अब लेने आजा, हौसला हार ना जाऊं, तीन बाण के धारी, तीनो बाण चलाओ ना, मुश्किल में है दास तेरा, अब जल्दी आओ ना, हारे के सहारे मेरे हारे के सहारे,…
जितना दिया सरकार ने मुझको उतनी मेरी औकात नहीं उतनी मेरी औकात नहीं ये है कृपा मेरे बाबा की मुझमें कोई ऐसी बात नहीं मुझमें कोई ऐसी बात नहीं जा, तू भी वहीं जा, जा, जिस दर पर सबकी बिगड़ी…
सांसो की माला पे, सिमरु मै शिव का नाम, अब तो दुनियादारी से है, मेरा क्या काम…. शिव के रंग में ऐसी डूबा, बन गया एक ही रूप, शिव की माला जपते जपते, हो गयी सुबह श्याम, सांसो की माला…
कभी ना कभी कही ना कही मेरा श्याम सलोना आएगा अपना मुझे बनाएगा ,जीवन ज्योत जगायेगा कभी ना कभी ……. आश लगाए कब से बैठे ,श्याम तुम्हारे चरणों में , नित तेरा गुणगान करे हम गली गली और घर घर…
कैलाश के निवासी नमो बार बार हु, आये शरण तिहारी प्रभु तार तार तू, भगतो को कभी शिव ने निराश न किया, माँगा जिसे चाहा वही वरदान दे दियां, बड़ा है तेरा दायरा बड़ा दातार तू, आये शरण तिहारी प्रभु…
सुनता है सब की विनती मेरा भोलेनाथ, मैं भी जग से हार के आया, थाम लो मेरा हाथ। सुनता है सब की विनती मेरा भोलेनाथ.. सुनता है सब की विनती मेरा भोलेनाथ, मैं भी जग से हार के आया, थाम…
साथी हमारा कौन बनेगा,तुम नहीं सुनोगे कौन सुनेगा तुम ना सुनोगे कौन सुनेगा आ गया दर पे तेरे, सुनाई हो जाये जिंदगी से दुखो की, विदाई हो जाये एक नजर कृपा की डालो,मानुगा अहसान ॥ संकट हमारा कैसे टलेगा तुम…
भोलानाथ अमली जी, म्हारा शंकर अमली जी, भोलानाथ अमली जी, म्हारा शंकर अमली जी, जटाधारी अमली, बाग्या बीच भांगड़ली घुटाय राखुली। भोलानाथ अमली जी, म्हारा शंकर अमली जी, जटाधारी अमली, सोने के कटोरे में छनाए राखुली।। काई बोऊ काशीजी में…
प्यारा सा मुखड़ा, घुंघराले केश, कलयुग का राजा, खाटु नरेश, हारे का सहारा है, मेरा श्याम धणी, भक्तो का दुलारा है, मेरा श्याम धणी।। तर्ज – आने से उसके आए बहार। बन संवर के बैठा, ये तो दरबार अपना लगा…
मां गवरा थाने पूजू हूं हाथ जोड़ वर मांगू हूं म्हाने एसो दई सुहाग सुरंगों सासरियो सासरियो म्हारो एसो होवे जयां राज अयोध्या जी, रामचंद्र सो वर होवे देवर म्हारो लक्ष्मण जी, सासु कोशल्या होवे, सुसरो राजा दशरथ जी, म्हाने…