Sapna me dikhyo re mhana salsar darbaar | सपना में दिख्यो रे म्हाने सालासर दरबार

सपना में दिख्यो रे म्हाने सालासर दरबार
सपना में दिख्यो रे म्हाने सालासर दरबार

हाथ फेर कर सिर पर बोला बालाजी महाराज,
बावला क्यों घबरावे रे।
संकट का दिन दुनिया मा ही आवे जावे रे,
नैन क्यों नीर बहावे रे।
तेरे साथ में खड़ो बावला क्यों घबरावे रे -२

कानारा कुंडलिया चमका, मुखड़ो चमके चांद -२
सिंदूरी मुख लाग्यो प्यारो, बोल्या जी हनुमान।
क्यों मनड़ा नीर गवावे रे,
तेरे साथ में खड़ो बावला क्यों घबरावे रे…

के बिगड़ो तेरे, क्यां की चिंता, क्यों रोवे हर बात – २
आंसुड़ा म्हारा पूंछ के बोल्या, बैठो हूं थारे साथ
क्यों मनड़ा रोयो जावे रे
संकट का दिन दुनिया मा ही आवे जावे रे…

ना भावे मन झूठ कपट और ना रुपयारी रोज – २
सीताराम तू गा ले प्यारा, बाबो कर सी मौज।
बावला क्यों नहीं गावे रे,
संकट का दिन दुनिया मा ही आवे जावे रे…

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