Mharo Babo Mhana Mayad Babul K Jayya Pale Sa|म्हारो बाबो म्हाने मायड़ बाबुल के जईया पाले सा

म्हारो बाबो म्हाने,
मायड़ बाबुल के जईया पाले सा,
आधी राता ने आव संभाले सा,
आधी राता ने आव संभाले सा।।

जादू टोना काल भी कांपे, म्हारे घर के आगे,
म्हारे घर पर मोरछड़ी को, हरदम पहरो लागे,
म्हारे घर की पीड़ा, द्वारे से उठी मुड़ मुड़ जावे सा,
खुद जादूगारो जादू चलावे सा,
आधी राता ने आव संभाले सा…

दिल पर चोट लगे जो म्हारे, चोट शयाम के लागे,
लेकर प्रेम की मरहम म्हारे, घाव पे रगडन लागे,
म्हारो बाबो म्हाने बाथ्या भर, मिश्री सो घुळ जावे सा,
हस हस बतलावे म्हाने हसावे सा,
आधी राता ने आव संभाले सा…

म्हारे गिरने से भी पेहल्या, म्हाने श्याम सम्हाले,
बाबो म्हारे सागे सागे, परछाई सो चाले,
म्हारो बाबो म्हाने, दिल की हवेली माहि राखे सा,
संग सोवे जागे घूमे घुमावे सा,
आधी राता ने आए संभाले सा…

म्हे बाबा का बाबो म्हारो, ज्यूँ दीपक और बाती,
पल पल म्हारो ध्यान रखे यो, घडी रे घडी को साथी,
जीवन की गाडी, ‘जित्तू’ की सांवरियो चलावे सा,
यो सारथि म्हाने गैलो दिखावे सा,
आधी राता ने आए संभाले सा…

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