तर्ज : सूरज कब दूर गगन से
जब जब कोई भक्त पुकारे, बाबा दौड़ा-दौड़ा आये-2
सब बिगड़े काम बनाये, ओर अटकी नैया तारे-2
ये बाबा तो बड़ा बलशाली है, भक्तों की बिगड़ी बनाता है-2
तुही है एक बजरंग, राम भक्त हनुमाना,
अंजनी के लाला, पवनपुत्र बलवाना
सूरज को मुख में डाला, हुवा जग में घोर अंधेर-2
सब देव द्वार तेरे आये, ओर बजरंग को मनाये-2
ये बाबा तो बड़ा बलशाली है, भक्तों की बिगड़ी बनाता है-2
तुम सा नही है कोई, इस दुनिया में दानी
जो कोई तुझे पुकारे, भर दे झोली खाली
तेरी महिमा बड़ी निराली, जो जाये न बखानी-2
जो द्वारे तेरे आता, वो मन वांछित फल पाता-2
ये बावा तो बड़ा बलशाली है, भक्तों की बिगड़ी बनाता है-2
राम नाम में रहता, हर दम तू तो लीन है
जव जव राम पुकारे, रहता तू तैयार है
सीता का पता लगाया, लंका को जाके जलाया-2
अहिरावण मार गिराये, लक्ष्मण के प्राण बचाये-2
ये बाबा तो बड़ा बलशाली है, भक्तों की बिगड़ी बनाता है-2
जब जब कोई भक्त बुलाये, बाबा दौड़ा दौड़ा आये
सब बिगड़े काम बनाये, और अटकी नैया तारे
ये बाबा तो बड़ा बलशाली है, भक्तों की बिगड़ी बनाता है-2
