Kashi Vishwanath Ki Mahima|काशी विश्वनाथ की महिमा
काशी के निवासी करे, अभिमान शिव जी पे, पाते हैं अभयदान अभयकर से। प्रलय के समय भी डूबेगी ना काशी, हमे आश्वासन मिला है ये प्रलयंकर से। शिव और काशी परीयाय एक दूसरे के, काशी का अटूट नाता भोलेशंकर से।…
काशी के निवासी करे, अभिमान शिव जी पे, पाते हैं अभयदान अभयकर से। प्रलय के समय भी डूबेगी ना काशी, हमे आश्वासन मिला है ये प्रलयंकर से। शिव और काशी परीयाय एक दूसरे के, काशी का अटूट नाता भोलेशंकर से।…
वो राम नाम मतवाला है। माँ अंजनी का लाला है। वो राम नाम मतवाला है। माँ अंजनी का लाला है। वो लाल लंगोटे वाला है। माँ अंजनी का लाला है। वो लाल लंगोटे वाला है। माँ अंजनी का लाला है।…
भगवान् मेरी नैया, उस पार लगा देना। अब तक तो निभाया है, आगे भी निभा देना ॥ दल-बल के साथ माया, घेरे जो मुझे आकर। तुम देखते न रहना, झट आके बचा लेना ॥ सम्भव है झंझटों में, मैं तुम…
वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥ अर्थ “हे घुमावदार सूंड वाले, विशाल शरीर वाले और करोड़ों सूर्यों के समान तेजस्वी भगवान गणेश! आप मेरे सभी कार्यों को हमेशा बिना किसी बाधा के पूरा करें।”
हे दुःख भन्जन, मारुती नंदन, सुन लो मेरी पुकार | पवनसुत विनती बारम्बार || अष्ट सिद्धि नव निद्दी के दाता, दुखिओं के तुम भाग्यविदाता | सियाराम के काज सवारे, मेरा करो उधार || पवनसुत विनती बारम्बार… अपरम्पार है शक्ति तुम्हारी,…
जटाटवी गलज्जल प्रवाह पावितस्थले गलेऽवलम्ब्य लम्बितां भुजंगतुंगमालिकाम्। डमड्डमड्डमड्डमन्निनादवड्डमर्वयं चकार चण्डताण्डवं तनोतु नः शिवः शिवम् ॥१॥ जटाकटाहसंभ्रमभ्रमन्निलिम्पनिर्झरी विलोलवीचिवल्लरी विराजमानमूर्धनि। धगद्धगद्धगज्ज्वलल्ललाटपट्टपावके किशोरचन्द्रशेखरे रतिः प्रतिक्षणं मम ॥२॥ धराधरेंद्रनंदिनीविलासबन्धुबन्धुर स्फुरद्दिगंतसंततिप्रमोदमानमानसे। कृपाकटाक्षधोरणीनिरुद्धदुर्धरापदि क्चिद्दिगम्बरे मनो विनोदमेतु वस्तुनि ॥३॥ जटाभुजंगपिंगलस्फुरत्फणामणिप्रभा कदंबकुंकुमद्रवप्रलिप्तदिग्वधूमुखे। मदांधसिंधुरस्फुरत्त्वगुत्तरीयमेदुरे मनो विनोदमतु भूतभर्तरि ॥४॥ सहस्रलोचनप्रभृत्यशेषलेखशेखर…
जगन्नाथ चक्का नैन नीलाचल वारे जगन्नाथ, जगन्नाथ, चका नैन, चका नैन नीलाचल वारे, तू ना संभाले तो हमें कौन संभाले तू ना संभाले तो हमें कौन संभाले मेरी ये नैया है अब तो तेरे हवाले तू ना संभाले तो हमें…
है मेरा नाम कान्हा चुराता हूं मैं माखन यशोदा मेरी माता पता मेरा वृंदावन है मेरा नाम कान्हा चुराता हूं मैं माखन किसी का हूं सखा मैं किसी का हूं मैं साजन मैं छोटी सी उंगली पे श्री गिरिराज उठाता…
ओ, पालनहारे, निर्गुण और न्यारे तुम्हरे बिन हमरा कौनो नाहीं हमरी उलझन सुलझाओ भगवन तुम्हरे बिन हमरा कौनो नाहीं तुम्हें हमका हो संभाले तुम्हें हमरे रखवाले तुम्हरे बिन हमरा कौनो नाहीं तुम्हरे बिन हमरा कौनो नाहीं चंदा में तुम्हें तो…
रुस्या कईया श्याम, बताणो पड़सी, टाबरिया बुलावै, थाने आणो पड़सी ।। तर्ज – अपने दिल का हाल। म्हे टाबर थे मायत स्याणा, भलो बुरो म्हे कुछ ना जाणा, म्हासु रुस्या कइया सरसी, म्हे तो थारा दास पुराणा, म्हारे सिर पर…