Mera Bhola Hai Bandari | मेरा भोला है भंडारी
मेरा भोला है भंडारी, करे नंदी की सवारी॥ भोले नाथ रे, ओ शंकर नाथ रे॥ सबना दा रखवाला ओ शिवजी, डमरू वाला जी डमरू वाला। ऊपर कैलाश रहंदा भोले नाथ जी, धर्मियों जो तारदे शिवजी, पापियों जो मारदा जी, पापियों…
मेरा भोला है भंडारी, करे नंदी की सवारी॥ भोले नाथ रे, ओ शंकर नाथ रे॥ सबना दा रखवाला ओ शिवजी, डमरू वाला जी डमरू वाला। ऊपर कैलाश रहंदा भोले नाथ जी, धर्मियों जो तारदे शिवजी, पापियों जो मारदा जी, पापियों…
तेरा पल पल बीता जाए मुख से जप ले नमः शिवाय, ओम नमः शिवाय, ओम नमः शिवाय….. शिव शिव तुम हृदय से बोलो, मनमंदिर का पर्दा खोलो, यह अवसर खाली ना जाए, मुख से जप ले नमः शिवाय, ओम नमः…
आशुतोष शशांक शेखर, चन्द्र मौली चिदंबरा, कोटि कोटि प्रणाम शम्भू, कोटि नमन दिगम्बरा।। निर्विकार ओमकार अविनाशी, तुम्ही देवाधि देव, जगत सर्जक प्रलय करता, शिवम सत्यम सुंदरा।। निरंकार स्वरूप कालेश्वर, महा योगीश्वरा, दयानिधि दानिश्वर जय, जटाधार अभयंकरा।। शूल पानी त्रिशूल धारी,…
मंगल मूर्ति राम दुलारे आन पड़ा अब तेरे द्वारे हे बजरंगबली हनुमान हे महावीर करो कल्याण ॥-2 तीनो लोग तेरा उजियारा दुखियों का तूने काज संवारा तीनो लोग तेरा उजियारा दुखियों का तूने काज संवारा हे जग बंदन केसरी नंदन…
तर्ज – में निकला गडडी लेकर दिखने में तो है बन्दर, ताकत में है भयंकर भूचाल आया, सुना है हनुमान आया कैसे वो समुन्दर लांघ गया, तुम सब को सांप क्यों सूंघ गया क्या लंकिनी ने नहीं रोका था, दुश्मन…
ब्रह्ममुरारि सुरार्चित लिंगं निर्मलभासित शोभित लिंगम् । जन्मज दुःख विनाशक लिंगं [विनाशन] तत्प्रणमामि सदाशिव लिंगम् ॥ 1 ॥ देवमुनि प्रवरार्चित लिंगं कामदहन करुणाकर लिंगम् । रावण दर्प विनाशन लिंगं तत्प्रणमामि सदाशिव लिंगम् ॥ 2 ॥ सर्व सुगंध सुलेपित लिंगं बुद्धि…
जिसने भी बाबा श्याम तेरा नाम लिया है तार दिया है सभी को तार दिया है मैंने भी बाबा तेरा इंतजार किया है क्यों छोड़ दिया है मुझे क्यों छोड़ दिया है तर्जः दिल जाने निगर तुझपे निसार किया है…
कब से खड़े है झोली पसार, सुनलो बाबा मेरी पुकार, जग रखवाला है, मेरे भोले बाबा, तेरा ही सहारा है, मेरे भोले बाबा……. देख लो लगी है, आज मंदिर में ये भीड़ भारी, दर्शनों के खातिर, यहाँ आये है लाखों…
शीश गंग अर्धंग पार्वती, सदा विराजत कैलासी । नंदी भृंगी नृत्य करत हैं, धरत ध्यान सुर सुखरासी ॥ शीतल मन्द सुगन्ध पवन, बह बैठे हैं शिव अविनाशी । करत गान-गन्धर्व सप्त स्वर, राग रागिनी मधुरासी ॥ यक्ष-रक्ष-भैरव जहँ डोलत, बोलत…
शिव मेरे सपनों में आने लगे, आने लगे.. डम डम डमरू बजाने लगे… डम डम डमरू बजाने लगे… बजाने लगे… डम डम डमरू बजाने लगे… मैंने पूछा भोले तेरी जटाओं में क्या है… 2, वो तो गंगा के दर्शन कराने…