आयेगा, आयेगा, आयेगा,
लीलै चढ़ साँवरा आयेगा,
मेरा श्याम दयालु है,
वो बड़ा कृपालु है,
लायेगा, लायेगा, लायेगा,
खुशियाँ हजारों संग लायेगा ।।
(तर्ज- आयेगी-आयेगी-आयेगी किसी को हमारी याद आयेगी. .. )
हारे का वो ही सहारा है, वो सच्चा साथी हमारा है,
जो बन जाये मांझी मेरा, फिर दूर कहाँ किनारा है।
आयेगा, आयेगा, आयेगा, लीलै चढ़ साँवरा आयेगा…
इस बेदर्दी दुनिया में वो, मेरा अपना बनकर आयेगा,
मेरी सूनी बगियां में एकदिन, माली बन फूल खिलायेगा।
आयेगा, आयेगा, आयेगा, लीले चढ़ सांवरा आयेगा …
इस अँधियारे जीवन में तो, मेरा श्याम उजाला लायेगा,
हारा निर्मल जगवालों से, वो श्याम सहारा पायेगा।
आयेगा, आयेगा, आयेगा, लीलै चढ़ साँवरा आयेगा…
