क रमता जोगीड़ा मेले में रेलो धीरे दईजे रे
रमता जोगीड़ा …..
मैं भुली गांव रो गैलो
मन मिलग्ये जोगी छैलो
म्हारी गौरी रे चामड़ी चमके
जोगी री आँख्या दमके
मेले में बाजे पुंगी जोगी री डोले लुंगी
रमता जोगीड़ा …
मैं दुनीया दारी भुली
जोगी री बणगयी झुली
म्हाने कर ली जोगी वश में
म्हारी बायां पकडली कस के
ओ जोगी बणग्यो भोगी म्हारी काया कर दिनी रोगी
अरर मरगयी री होग्यो HIV
रमता जोगीड़ा…
गीतकार गायक के. डी सोमानी
