Pihar Ki Mahima | पीहर की महीमा

हे रण चण्डी तेरी राम कथा सरेआम सभा मैं गाता हूँ
दुखीयारा सब मरदा न एक नई बात बताता हूँ
घरवाली जब होऐ रूसवा पीहर की महिमा गाता हूँ

हे रण चण्डी…

(१) सासु चाहे हुवे बाडी मृगनयनी में कहता हूँ
सुसरो हुवे चाहे देढ़ टांग रो मिलखान सिंह कहता हूँ

हे रण चण्डी…

(२) साली रा भई अजीब करेक्टर मां सीता मैं कहता हूँ
सालो तो ह ऐसो लुखो मुकेश अंबानी कहता हूँ

हे रण चण्डी…

(३) किटी पार्टी और होटल में जाव थारी बाई है
साले री जेबा र माही रूपयो है ना पाई है
जेठा लाल सी ह म्हारी हालत सुन्दर जैसा भाई है

हे रण चण्डी …

(५) पेट थारो तरबुजे सो कमर पडी पगसाल
चेहरे ऊपर छाई झुरया उमर दली पचास
चार-चार टाबरीया री अम्मा ने कच्ची कली मैं कहता हूँ

हे रण चण्डी…

गीतकार गायक के.डी सोमानी

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