Moko Lagyo Toh | मोको लाग्यो तो

मोको लाग्यो तो दिन में तने बोल देउ ली,
रात म किवाड़ छेला खोल देउली ।

१. सूखा लाडू बासी भुजिया खाया कोनी जावे है
चौक र हलवाई रा पेड़ा महाने घना भावे है,
लाया तो रसगुल्ला पूरा निचोड़ देउली ।

२. जोबन माहरो झोला खावे, कदर ने जान मारूजी,
आधी रात आयो भटकटो पीके देसी दारू जी,
लाया तो बॉटल रो ढक्कन खोल देउली ।

३. खटिया री रखी हूँ निवार दिन में खेंच के,
बालम माहरो सोयों देखो घोड़ा बेच के
टेम से आवेलो तो पम्पोल देउली,
रात ने किवाड़ ….

४. लाल घाघरों सूखे छत पर जाने स्यानो घर प है,
हरी ओढ़नी सूखे छत पर छेला थने आनों है,
अंधेरे में भी आवेलो टैंटोल देउली
रात में किवाड़ ……

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