Hivado | हिवड़ो |Holi Geet Lyrics

आवो जी आवो म्हारां हिवड़े रा साहिबा
तारा छायी रात थानें आणो पड़सी
थारे बिना रे फागण सुनो ज्यासी
थारे बिना फागण कुण गासी

आवोजी…

सावण बरसे, भादवो बरसे, बरस रही दोनो आंखडली
थे तो साहिब म्हारे मनड़े री कोर सा
मनड़े री प्यास बुझायां सरसी

आवोजी…

सेज बिछाई चादर लगाई टेबल राख्यो दूध जी
थारे बिनां रे म्हाने काम्बल सूनी लागे
चादर में सब घालणे आनो पड़सी

आवोजी…..

सारी सखियां रा साहब घरां रे पधारया
म्हारोडो बसे है परदेशा जी
थारे बिना रे साहिब, घर सुनों लागे
सूरत में कांही रे बाप रो नाम काढ़सी

आवोजी…

गीतकार गायक के.डी. सोमानी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *