(तर्ज : चूड़ी जो खनकी हाथों में)
चूड़ी जो खनकी हाथों में, चूड़ी जो खनकी हाथों में,
गौरा ईसर जी को याद करे, हर छोटी-छोटी बातों में,
गौरा जब-जब मांग भरे, बालों का श्रृंगार करें
लाल ओढ़कर चुनरिया, ईसर जी से बात करें।
बोले हैं बिंदिया माथे की, बोले हैं बिंदिया माथे की,
गौरा ईसर जी को याद करे, हर छोटी-छोटी बातों में
गौरा जब नथनी पहने, और कुण्डल सोने के बने,
होठों पे लगाके लालिमा, ईसर जी से बात करें।
बोले ये हँसी होठों की, बोले ये हँसी होठों की,
गौरा ईसर जी को याद करे, हर छोटी-छोटी बातों में,
गौरा हैं माला पहने, सोने के चमके गहने,
खनखन करता चुडला ये, छमछम बाजे पायलिया।
बिछिया ये बोले पैरो की, बिछिया ये बोले पैरो की
गौरा ईसर जी को याद करे, हर छोटी-छोटी बातों में,
