MharoGeet

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Badila Kahno Maan Re | बादिला कहनो मान रे

बादिला कहनो मान रे, बादिला कहनो माँ रे, मनभरिया कहनो मान, टाबरिया स्याना होग्या रे बादिला अब तो मान -२ भरी जवानी माय बालमा जोबन झोला ख़ातो,मेरी पतली कमर मेरा काला केश दुनिया को जी ललचातों, बे रूप पुराणा.. होग्या,…

Abki Bhabhi Tumse Bas Ye Kahna Hai | अबकी भाभी तुमसे बस ये कहना है

१. भैया तेरी साली को मुझको पटाना है, भाभी का दिल कैसे जीता ये बताना है।भाभी को पीहर पहुँचाना एक बहाना है, मुझको तेरी साली के संग आँख लड़ाना है। माना सुंदर है तारीफ़ के काबिल है।नाम मेरा हैंडसम की…

Balma | बलमा

थे म्हानें भुल गया रे बलम सा थे म्हानें भुल गयाथे म्हाने छोड़ गया रे बलम सा थे म्हानें छोड़ गया थार बिन नींद न आवथार बिन चैन न आवओ बलमा रे…. थे म्हाने भुल गयाफागण री ठंडी रात्या मेंचांदनी…

Shri Ram Chalisa | श्री राम चालीसा

॥चौपाई॥ श्री रघुवीर भक्त हितकारी। सुन लीजै प्रभु अरज हमारी॥ निशिदिन ध्यान धरै जो कोई। ता सम भक्त और नहिं होई॥ ध्यान धरे शिवजी मन माहीं। ब्रह्म इन्द्र पार नहिं पाहीं॥ दूत तुम्हार वीर हनुमाना। जासु प्रभाव तिहूं पुर जाना॥…

SHIV CHALISA | शिव चालीसा

॥ दोहा ॥जय गणेश गिरिजा सुवन,मंगल मूल सुजान ।कहत अयोध्यादास तुम,देहु अभय वरदान ॥ ॥ चौपाई ॥जय गिरिजा पति दीन दयाला ।सदा करत सन्तन प्रतिपाला ॥ भाल चन्द्रमा सोहत नीके ।कानन कुण्डल नागफनी के ॥ अंग गौर शिर गंग बहाये…

Santoshi maa Chalisa | संतोषी मां चालीसा

दोहा बन्दौं संतोषी चरण रिद्धि-सिद्धि दातार।ध्यान धरत ही होत नर दुख सागर से पार॥ भक्तन को संतोष दे संतोषी तव नाम।कृपा करहु जगदंबा अब आया तेरे धाम॥ जय संतोषी मात अनुपम।शांतिदायिनी रूप मनोरम॥सुंदर वरण चतुर्भुज रूपा।वेश मनोहर ललित अनुपा॥ श्‍वेतांबर…

Radha Chalisa | राधा चालीसा

॥ दोहा ॥श्री राधे वुषभानुजा,भक्तनि प्राणाधार ।वृन्दाविपिन विहारिणी,प्रानावौ बारम्बार ॥ जैसो तैसो रावरौ,कृष्ण प्रिया सुखधाम ।चरण शरण निज दीजिये,सुन्दर सुखद ललाम ॥ ॥ चौपाई ॥जय वृषभान कुँवरी श्री श्यामा ।कीरति नंदिनी शोभा धामा ॥ नित्य विहारिनि श्याम अधारा ।अमित मोद…

Saraswati Chalisa | श्री सरस्वती चालीसा

दोहा जनक जननि पद्मरज, निज मस्तक पर धरि।बन्दौं मातु सरस्वती, बुद्धि बल दे दातारि॥पूर्ण जगत में व्याप्त तव, महिमा अमित अनंतु।दुष्टजनों के पाप को, मातु तु ही अब हन्तु॥ जय श्री सकल बुद्धि बलरासी।जय सर्वज्ञ अमर अविनाशी॥ जय जय जय…

Shri Chamunda Devi Chalisa | श्री चामुण्डा देवी चालीसा

॥ दोहा ॥नीलवरण मा कालिका रहती सदा प्रचंड।दस हाथो मई ससत्रा धार देती दुस्त को दांड्ड़॥ मधु केटभ संहार कर करी धर्म की जीत।मेरी भी बढ़ा हरो हो जो कर्म पुनीत ॥ ॥ चौपाई ॥नमस्कार चामुंडा माता । तीनो लोक…

Shri Kali Chalisa | श्री काली चालीसा

॥दोहा ॥ जयकाली कलिमलहरण, महिमा अगम अपार । महिष मर्दिनी कालिका , देहु अभय अपार ॥ अरि मद मान मिटावन हारी । मुण्डमाल गल सोहत प्यारी ॥ अष्टभुजी सुखदायक माता । दुष्टदलन जग में विख्याता ॥ भाल विशाल मुकुट छविछाजै…