Bidaai | बिदाई | Rajasthani Gangaur Geet Lyrics

गणगौर

बाबूल का यह घर गवरल कुछ दिन का ठिकाना है बनके दुल्हन एक दिन तुझे ईशर संग जाना है

बाबूल तेरे बगियाँ की, मैं तो एक कली हु रे,
छोड़ तेरी बगियाँ को, मुझे घर ईशर का सजाना है

बाबुल तेरे आँगन की, मैं तो एक चिड़िया रे,
रातभर बसेरा है, सुबह उड़ जाना है।

मैया तेरे आँचल की, मैं तो एक गुड़िया रे,
तुने मुझे जन्म दिया, तेरा घर क्या बेगाना है।

मैया पे क्या बीत रही, गवरा तू ये क्या जाने
कलेजे के टुकड़े को रो-रो कर भुलाना है

गवरल तेरे बचपन को याद हम सबको रुलाएगी
दस्तूर दुनिया का हम सबको निभाना है।

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