नणदोई सुत्यां है रंगमहला में
हेलो मारूं बाने जीमण ने
हेलो मारूं बाने जीमण ने
बो तो ताके है म्हाने छेडण ने
नणदोई….
बांकडली मुंछया रा, म्हारा नणदोई
तिरछी-तिरछि नजरा सुं म्हाने देखे
नणदोई…..
बाईसा सुत्यां है म्हारा जापे में
नणदोई जी झाके है म्हारा कमरे में
नणदोई…..
मच-मची उठी बैरी ने फागण में
आडी म्हाने नाखलीनी आंगण में
आडी म्हाने नाखलीनी आंगण में
मुंडो दिखास्या किया साजन ने
नणदोई ….
तोड़ग्यो शरीर मुंडो कालो कर गीयो
नणदोईया रो नाम अमर कर गीयो
कमरे सूं निकलतो बाय-बाय कर गीयो
नणदोई…
गीतकार गायक के.डी. सोमानी
