उमराव थारी बोली मीठी लागे म्हारा राव
उमराव जी ओ उपराव
आभाव चमके बिजली सीकर बरसे मेह
छांट्या लाग्या प्रेम का भीगे सारी देह
उमराव थारो पेचो पिचरंग भीगे म्हारा राव
उमराव………..
सियालो – सीकर भलो उनालो अजमेर
मारवाड़ नित रो भलो सावण बीकानेर
उमराव थारो गांव प्यारो लागे म्हारा राव
उमराव……..
डूंगर ऊपर डुंगरी डुंगर ऊपर केर
कर मुकलावो छोडग्यो कद को काढयो बैर
उमराव थारे बिना नींदडली नही आवे म्हारा राव
उमराव……..
साजन चाल्या दिशावरा कांधे धरी बंदूक
या म्हाने साथे ले चलो या म्हाने करदो सुट
उमराव में तो थार साथ चालां म्हारा राव
उमराव …..
क्या मैं फलका पोवतीं क्या म्हें खाती मेट
क्या मैं साथ सुवती क्या म्हारो मंडती पेट
उमराव थारे बिना जीवड़लो नही लागे म्हारा राव
उमराव ……
गौरी चाली-चौपाटी मैं चाल्या पोपलोद
गौरी पीवे पेप्सी मैं पीवा मेक्डोवल
उमराव थारी बोतल प्यारी लागे म्हारा राव
उमराव …..
गीतकार गायक के. डी सोमानी
