Nari Ki Mahima | नारी की महिमा

नारी की महिमा
नारी रची रे भगवान,
तु तो है भारत की शान
थारो के.डी. करे बखान,
तु तो है ममता की खान
नारी……………

थारा नाक कान बिधंवाया,
सारे जग न नाच नचाया
थारे पगा म बांध्यो कड़लो,
हाथा रो गरज्यो चुड़लो
अंग्रेजा ने पायो पाणी,
तुं है झांसी की राणी
नारी……………….

थे माथे बोरीयो बांधो,
साथे बीणीया चौकडी साजो
थारे गले में मंगल सुत्र,
थे जणो प्रताप सा पुत्र
थे वेदा में गायत्री,
यमराज सुं लड़े सावित्री
नारी ………

थारे कमर कनोडो लटक्यो,
थे महिषासुर न पटक्यो
श्री राम री मानी बातां,
पतिव्रता में सीता माता
नारी में देवकी माई,
घर जन्मयो कृष्णा कन्हाई
नारी…..

थारे माथे री बिंदिया चमके,
हाथा री मेंहदी दमके
नागण सी लम्बी चोटी,
राणो बात सुणावे खोटी
तु धन्य मेवाड री जाई,
भगती में मीरा बाई
नारी….

आज की नारी :
नारी री ईज्जत गंवाई,
ईने हया शर्म नहीं आई
आ पेरे आधी बिकनी दिखावे चामडी चिकनी
नारी में शिल्पा शेट्टी आ रिचर्डस गैल री पठी
नारी में मल्लिका शेरावत किता बदल्या मिनख महावत
नारी……

गीतकार गायक के. डी सोमानी

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