फूलजड़ी रे माहरी मोतिया री लड़ी-२
परदेशा सू आयो माहरो छेल ले हाथ में गुलाब छड़ी.
फूलजड़ी रे माहरे मोतिया री लड़ी…
कोई गरम गरम पाणि तैयार साबुन री बटिया तैयार पड़ी -२
थे नहाओ नहाओ माहरा भरतार नहलावे थारी फूलजड़ी ।
फूलजड़ी रे माहरे मोतिया री लड़ी….
कोई गरम गरम बाजरे रा रोट फ़ोफ़लिया री सब्ज़ी तैयार पड़ी -२
थे जीमो जीमो माहरा भरतार जिमावे थाने फूलजड़ी ।
फूलजड़ी रे माहरे मोतिया ऋ लड़ी…
कोई दारू विश्की तैयार गाँजे री चिलमा तैयार पड़ी,
थे पियो पियो माहरा भरतार पिलावे थाने फूलजड़ी ।
फुलझड़ी रे माहरे मोतिया री लड़ी…
कोई गरम गरम तकिया तैयार, फूला री सेजा तैयार पड़ी,
थे सुवों सुवों माहरा भरतार, सुलावे थाने फुलझड़ी ।
फुलझड़ी रे माहरे मोतिया री लड़ी…..
