Balma | बलमा

थे म्हानें भुल गया रे बलम सा थे म्हानें भुल गया
थे म्हाने छोड़ गया रे बलम सा थे म्हानें छोड़ गया

थार बिन नींद न आव
थार बिन चैन न आव
ओ बलमा रे…. थे म्हाने भुल गया
फागण री ठंडी रात्या में
चांदनी आग लगाव सा
थारी बांत्याँ मुलाकात्याँ
ओ बलमा रे
थे म्हाने भुल गया

खत ना खबरिया दिनी
ना खोज खबरिया लिनी
जल बिन मछली रात्या म तड़फी
थांरी सुरत है जरूरत
ओ बलमा रे.
थे म्हानें भुल गया

रंगीलो सपनो आयो
साजन सपने में आयो
गुलाबी चेहरो थारो
मैं हंसतो पायो
बे रतिया थांरी लतिया
ओ बलमा रे
….
थे म्हानें भुल गया
गीतकार – गायक के डी सोमानी

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