Chadh Jaaye Chand Sikariya Pe | चड जाये चाँद सिकरिया पे

तेरे पास जब आऊ रे बालमा, चढ़ जाए चाँद सिकरिया पे -२

पिवारिये मत भेज बालमा लग जावे दाग चुनरियाँ में।

दोनू होठ किनारी सैया बीच में जीभस फड़के रे -२

जोड़ी रो भरतार मिले तो मोटी पहरू लड़के रे ।

चाँदनिये री गोरी रे चाँदनी खड़ी उड़ीकू आँगनिये -२

घरवाले मोटयार बिना माहरी किया क़तेली राटडलीया ।

लिख लिख पाती भेज रही में बेरंग चीठी तार मिलया – २

सूती रातया कटे है महरी, जद था जिसा भरतार मिलया

तेरे पास जद आऊ रे बालम…………..

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