(तर्ज : तेरे होंठो के दो फुल प्यारे प्यारे)
मेरे लाडले गणेश प्यारे प्यारे, भोले बाबाजी के आँखो के तारे
प्रभु सभा बिचमें, आ जाना, आ जाना…
तेरी काया कंचन कंचन, किरणों का है जिसमें बसेरा
तेरी सुंड सुंडाली मुरत, तेरी आँखो मे खुशियों का डेरा
तेरी महिमा अपरंपार, तुझको पुजे ये संसार
प्रभु अमृत रस बरसा जाना , आ जाना…
प्रभु भजन तुम्हारे गावे, सबसे पहले प्रभू को मनावे
धूपदिपा की ज्योत जगावे, मनमंदिर में झांकी सजावे
मेरे भोले भगवान, दे दो भक्ती का वरदान
प्रभू नैय्या पार लगा जाना, आ जाना…
मेरे विघ्नविनाशक देवा, सबसे पहले करे तेरी सेवा
सारे भक्तों में आनंद छाया, बोलो जय जय गजानन देवा
बाजे सुर और ताल, तेरा गुण गावे गोपाल
घुंगरुकी खनक खनका जाना, आ जाना…
