ओ लीलण घोड़ी थारे सोवणी तेजाजी,
लीलण घोड़ी थारे सोवणी तेजाजी,
खरनाल्यां में थारो धाम रे जाटां रा जाया,
थाने मनावा रे, हां हां थाने मनावा रे।।1।।
ओ पेमल जोवे बाटां महल में तेजाजी,
पेमल जोवे बाटां महल में तेजाजी,
लीलण लिज्यो सिंणगार सतवादी सुरा,
थाने मनावा रे हां हां थाने मनावा रे।।2।।
ओ लाछां री गायां पाछी लाविया तेजाजी,
लाछां री गायां पाछी लाविया तेजाजी,
कर दियो अमर नाम जाटां रा जाया,
थाने मनावा रे, हां हां थाने मनावे रे।।3।।
ओ वचनां पर वारया थे तो प्राण वो तेजाजी,
वचनां पर वारया हंस के प्राण वो तेजाजी,
जिभड़लया डसग्यो कालो नाग जाटां जाया,
थाने मनावा रे, हां हां थाने मनावा रे।।4।।
ओ भगतां पर छत्र छाया राखज्यो तेजाजी,
भगतां पर छत्र छाया राखज्यो तेजाजी,
भर दीज्यो अन्न धन रा भंडार वो धोल्यां रा जाया,
थाने मनावा रे, हां हां थाने मनावा रे।।5।।
प्रांजल महेन्द्र लिखे कीरती तेजाजी,
प्रांजल महेन्द्र लिखे कीरती तेजाजी,
हरख सुनावे रामोवतार जाटा रा जायां,
थाने मनावा रे, हां हां थाने मनावा रे।।6।।
