Kalyug ka Dev sacha hai Shyam shish ka dani|कलयुग का देव सच्चा है श्याम शीश का दानी

कलयुग का देव सच्चा,
है श्याम शीश का दानी,
इनकी शरण तू ले ले,
मिटने लगेगी परेशानी,
कलयुग का देव सच्चा,
है श्याम शीश का दानी।।

जो दर पे आया है,
मन चाहा पाया है,
ऐसे दयालु मेरे बाबा,
हारे को जीत दिलाए,
बिगड़ी तकदीर बनाए,
ऐसे कृपालु मेरे बाबा,
भूखों को रोटी देते,
प्यासों को देते है पानी,
भूखों को रोटी देते,
प्यासों को देते है पानी,
इनकी शरण तू ले ले,
मिटने लगेगी परेशानी,
कलयुग का देव सच्चा,
है श्याम शीश का दानी।।

मन की करे सबकी,
झोली भरे सबकी,
खाली किसी को ना लौटाए,
पापी को तारे है,
दर पे सुधारे है,
अपनी सेवा में लगाए,
क्या सोचता है तू,
करता तू खुद की क्यों हानि,
क्या सोचता है तू,
करता तू खुद की क्यों हानि,
इनकी शरण तू ले ले,
मिटने लगेगी परेशानी,
कलयुग का देव सच्चा,
है श्याम शीश का दानी।।

कलयुग का देव सच्चा,
है श्याम शीश का दानी,
इनकी शरण तू ले ले,
मिटने लगेगी परेशानी,
कलयुग का देव सच्चा,
है श्याम शीश का दानी।।

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