Sunta Hai sabki Vinti mera bholenath|सुनता है सब की विनती मेरा भोलेनाथ

सुनता है सब की विनती मेरा भोलेनाथ,
मैं भी जग से हार के आया, थाम लो मेरा हाथ।
सुनता है सब की विनती मेरा भोलेनाथ..

सुनता है सब की विनती मेरा भोलेनाथ,
मैं भी जग से हार के आया, थाम लो मेरा हाथ।
सुनता है सब की विनती मेरा भोलेनाथ..

रो रहीं आँखें मेरी हँसता ज़माना है,
मुश्किलों में घिर गया तेरा दीवाना है।
रो रहीं आँखें मेरी हँसता ज़माना है,
मुश्किलों में घिर गया तेरा दीवाना है।
आजा, अब तो तेरे बिन कौन सुने मेरी बात-2
मैं भी जग से हार के आया, थाम लो मेरा हाथ।
सुनता है सब की विनती मेरा भोलेनाथ
सुनता है सब की विनती मेरा भोलेनाथ
मैं भी जग से हार के आया, थाम लो मेरा हाथ
सुनता है सब की विनती मेरा भोलेनाथ…

हर कदम पर क्यों भला मैं मार खाता हूं,
जीतना चाहूँ, मगर मैं हार जाता हूं।
हर कदम पर क्यों भला मैं मार खाता हूं,
जीतना चाहूँ, मगर मैं हार जाता हूं।
आजा, अब तू देख ले मेरे ये हालत-2
मैं भी जग से हार के आया, थाम लो मेरा हाथ।
सुनता है सब की विनती मेरा भोलेनाथ
सुनता है सब की विनती मेरा भोलेनाथ
मैं भी जग से हार के आया, थाम लो मेरा हाथ।
सुनता है सब की विनती मेरा भोलेनाथ…

By- Gajendra Pratap Singh

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