आशीर्वाद देवे गवरजा सबने अखंड सुहाग रो,
काई अजमेर काई जयपुरियो,
गोल गोल घूमे रे गौरा थारो घाघरो ।।
ओद चुनडी पेन घाघरों, छम छम करती चाले हैं।
ईसरदास जी रो हाथ पकड़कर गौरा घूमर घाले है।।
गोल गोल घूमे रे गौरा थारो घाघरों
काज़र कोरे मेहेंदी रचावे, मांग सिंदूर सजावे हैं।
रूप गवरजा रो देख सलोनो ईसरजी भी गाये हैं।।
गोल गोल घूमे रे गौरा थारो घाघरों
छोटी सी मात गवरजा ने, घने मान से प्ऱ्यावे हैं।
मां सब भगता ने पर्ची देवे, सूनी गोद भरावे हैं।।
गोल गोल घूमे रे गौरा थारो घाघरों।।
गवरजा से मेलो देखन देवी देवता आवे हैं,
गगन मंडल सु सारा पुष्प बरसावे हैं
