(तर्ज : जिन्दगी एक सफर हैं सुहाना)
ईसर गोरल की जोड़ी सुहावी, इन दोनों की प्रीत किसने जानी।
ईसर गोरल की जोड़ी सुहानी, इन दोनों की पीत किसवे जानी।।
शीश गोरल के टीका हैं, टीके पे हीरा चमक रहा।
रखड़ी ऊपर रखना मेहरयानी, इन दोनों की प्रीत किसने जानी।।
काव गोरल के कुंडल हैं. कुंडल पे हीरा चमक रहा।
झुमके ऊपर रखना मेहरबानी, इन दोनों की प्रीत किसने जानी।।
हाथ कोरल के चूड़ियां हैं, चूड़ियों में हीरा चमक रहा।
चुहले के ऊपर रखना मेहत्थाळी, इन दोनों की प्रीत किसने जागी।।
पाथ बोरल के पायल हैं, पायल में घुंघरू चमक रहा।
बिछिया पर रखवा मेहरबानी, इन दोनों की पीत किसने जानी।।
संग गोरल के ईसार हैं, जोड़ी पे चंदा चमक रहा।
जोड़ी पर रखना बेहरबानी, इन दोनों की प्रीत किसबे जावी।।
